Bheel Vidroh [Bhil Rebellion] cover art

Bheel Vidroh [Bhil Rebellion]

Sangharsh Ke Sawa Sau Saal [125 Years of Struggle]

Preview
LIMITED TIME OFFER

3 Months Free

£5.99/mo after 3 months. Cancel monthly.
Get this deal
Offer ends on 15 July 2026 at 11:59 BST.
More purchase options

Bheel Vidroh [Bhil Rebellion]

By: Subhash Chandra Kushwaha
Narrated by: Pankaj Kalra
Get this deal

£5.99/mo after 3 months. Cancel monthly.

Buy Now for £15.32

Buy Now for £15.32

1800 से 1925 ई. के मध्य, भील क्षेत्रों के लगभग दो सौ से अधिक भील मुखियाओं का संघर्ष कभी प्रकाश में नहीं आया था। खानदेश, मध्यभारत और महाराष्ट्र के ज्यादातर भील विद्रोह अछूते रह गए थे। 1857 के विद्रोह का जिक्र करते समय काजी सिंह, भीमा नायक, भागोजी, पुत्ता सिंह, मवासिया, खाला नायक, दुलार सिंह, सीताराम बावा, रघुनाथ सिंह मंडलोई, भोमिया बिसेन सिंह और कालू बाबा आदि के योगदान को भुला दिया गया था। एक दमित, अशिक्षित और प्रताड़ित समाज के संघर्षमय इतिहास की यह अनदेखी वाकई में चिंता का कारण इसलिए भी है कि भीलों ने देशहित में कभी पीठ न दिखाई। महात्मा गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रव्यापी आंदोलनों के प्रारंभ हो जाने के बाद, 1925 तक उन्होंने लगातार संघर्ष किया, अपनी कुर्बानी दी। इस पुस्तक में संपूर्ण मध्यभारत, खानदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के भील क्षेत्रों के विद्रोहों को नए दस्तावेजों के आधार पर संग्रहित करने का प्रयास किया गया है। नए दस्तावेजों के आधार पर टंट्या भील एवं उनके सहयोगियों के जीवन संघर्षों को भी सामने लाने का प्रयास किया गया है।

Keywords: Hindi Fiction, Contemporary Fiction, Indian Fiction

Please note: This audiobook is in Hindi.

©2021 Subhash Chandra Kushwaha (P)2024 Audible, Inc.
Freedom & Security Politics & Government
adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
No reviews yet